कादियानी की शरारत या मुसलमानो का जज़्बातीपन
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*🥀 कादियानी की शरारत या मुसलमानो का जज़्बातीपन 🥀*
_✏️ आज कल एक वीडियो बोहोत वाइरल हो रही हे जिसमे देखाया गया हे के google पर ,लिखो के मुसलमानों का खलीफा कोन हे तो कादयानियों के मौजूदा मलऊन खलीफा का नाम आता हे,जिसको देख कर फ़ितरी तोर पे मुसलमानो के जज़्बात भड़क उठते हे ,_
*कुछ दोस्तों ने गूगल को फीडबैक देने की मुहिम सुरु की हुई हे ओर सब को भी कह रहे हे के पहले सर्च करो और फिर फीडबैक दो*
_में इतना अर्ज़ करना चाहता हु के गूगल पर सर्च करने और रिज़ल्ट क्लीक करने से वो रिज़ल्ट्स टॉप पे आजाता हे और सर्च बढ़ते रहते हे जिस की वजह से वो रिजल्ट लाखो फीडबैक के बाद डिलीट नही किया जा सकता अब देखना ये हे के कहि हम मुसलमान जज़्बात में आकर कादियानियों को फायदा तो नही पोहचा रहे हे_
*ओर दूसरी अहम बात पूरी दुनिया मे इस वक़्त खिलाफत मोकुफ हे और जब खिलाफत मौजूद ना हो तो कोई खलीफा कैसे हो सकता हे, ओर हर वो शख्स जिसे ये मालूम हे के खिलाफत किया होती हे इसे खिलाफत के मोकुफ होने का भी इल्म हे , आलम ये हे दुनिया तो दूर किसी एक मुसलमान मुल्क़ में मुत्फ़क़्क़ा खलीफा नही हे ,अगर आज मुसलमानो का खलीफा होता तो कादियानियों का वजूद ही ना होता ,ना वो पूरी दुनिया मे अहमदी मुस्लिम बन कर इस्लाम को नुकसान पोहचाते ,,बाकी आप सब लोगो की मर्ज़ी हे मेने बस इतना ही गुजारिश करना थी ,के खुद को ऐसे किसी भी काम से बाज़ रखो,जो इस्लाम दुश्मन कादियानीयो के हाथ मज़बूत करता हो*
_ये मज़मून किसी ना मालूम शख्स ने लिखा हे मुसलमानो को काफिरो से दूरी बनाने के लिए क्यू कहा गया ताके ये उनके धोके में ना आए,, अब अगर जानकार मुसलमान ही इनकी नापाक कोशिशो का मकसद न समझ सके तो अवाम को क्यू इस खारज़ार में उलझाए_
*आखिर हमारा फ़र्ज़ किया हे?*
*वो जो हम समझते हे या वो जो शराअ ने हुक्म फ़रमाया, नही मालूम तो उलमा से पूछो, किया हमे पूछने का हुक्म नही दिया?*
*तो आखिर फ़िक़्र जिसकी होनी थी उसकी क्यू नही?*
*फरेब कह कर नही दिया जाता, किसी को ज़हर बताकर नही देते , फरेब हिदायत की आड़ में दिया जाता हे ,ज़हर शहद कहकर दिया जाता हे*
*अल्लाह रहम फरमाए हमारे भाइयो पर तौफ़ीक़ दे (अमीन)*
*ये 👆🏻उर्दू पोस्ट को मैने हिन्दी किया हे कहि कोई गलती हो तो इस्लाह फरमाए*
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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*
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