स्ज़िद में लगा बोर्ड फलाँ फलाँ हमारी मस्ज़िद में न आए
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*🥀 मस्ज़िद में लगा बोर्ड फलाँ फलाँ हमारी मस्ज़िद में न आए 🥀*
✏️ अक्सर देखा गया है की गैर अक़ीदे के लोग मुक़्तदी बन कर आते है,,हमारे अपने तरीके और अक़ाईद पे नामाज़ पढ़ने के लिये,,,
पहले एक आएगा फ़िर दो तीन ऐसे रफ़्ता रफ़्ता तादाद बढ़ाते है,,ये लोग सबसे पहले मौज़ुद मुक़्तदी को पकड़ते है फ़िर उसके बाद इन्तेज़ामिया को पकड़ते है,,,
फ़िर कोशिश कर के इमाम को मस्ज़िद से निकलवाते है,,या फिर कमेटी के मेम्बरों में फसाद पैदा करते है,,
और जब इनकी पकड़ मजबूत हो जाती है तब मस्ज़िद में सलात् व सलाम,,दरूद व नमाज़ के तरीके वगैरह पे ऐतराज़ करते है,,ये वो ही लोग है जो शुरु में इसी तरीके से नमाज़ पढ्ने के लिये मस्ज़िद में आते है और फ़िर अचानक इनको तरीके तब्दीली चाहिए होती है,,,
और फ़िर इस तरह से शुरु होती है इलाक़े मे मस्लकी जंग,,,,
आप क्या चाहते हो जंग शुरु होनी चाहिए या फ़िर पहले ही उस जंग को रोक देना चाहिए
ऐतराज़ किसी के मस्ज़िद पे आने से नहीं है बल्कि ऐतराज़ उस फ़साद से है जो ये फ़सादी चाहते है!
लिहाज़ा मस्ज़िद में लगाये गए नोटिस बोर्ड को गलत तरीके से पेश न करे हालात ऐसे नहीं है की इख्तिलाफ़ को बढ़ाया जाए
👉 नोट बोर्ड पर साफ़ लिखा जाए
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क़ौम में मसलकी जंग ना हो इसलिए फ़लां फ़लां हमारी मस्जिद में ना आएं
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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*
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