हज़रत मअरूफ कर्खी रहमतुल्लाह अलैह
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴
*🥀 हज़रत मअरूफ कर्खी रहमतुल्लाह अलैह 🥀* .
.
✏️ हज़रत मअरूफ कुर्खी रहमतुल्लाह अलैह एक रोज़ एक जमात के साथ कहीं जा रहे थे। के आपने दजला के किनारे जवानों की एक जमात देखी जो फिस्को फिजूर में मुबतला थे। आपके हमराहियों ने अर्ज की। हुजूर इन के लिए दुआ कीजिए। ताके खुदा तआला इन सब बदमाशों को गर्क कर दे और उनकी नहूसत फैलने ना पाए। हज़रत मअरूफ ने फ़रमाया के हाथ उठाओ।
मैं दुआ करता हूँ। तुम सब आमीन कहना। चुनाँचे सब ने हाथ उठाए और आपने दुआ की।
के इलाही ! जिस तरह तूने उनको इस जहान में ऐशो इशरत में रखा है। इसी तरह उनको उस जहान में भी ऐशो इशरत अता फरमा। आपकी इस दुआ पर हमराहियों ने ताज्जुब किया। और वजह दरयाफ्त की। आपने फरमाया के ज़रा ठहरो मेरा मक्सद अभी ज़ाहिर होता है।
चुनाँचे थोड़ी देर के बाद इस जमात की नज़र जूहीं मअरूफ कुर्खी पर पड़ी तो उन्होंने अपने बाजे गाजे तोड़ फोड़ डाले और शराब फैंक दी। और ज़ार ज़ार रोने लगे। और सब आकर हज़रत के कदमों में गिर गए। और सच्चे दिल से तायब हो गए।
हज़रत मअरूफ ने अपने हमराहियों से फरमाया के देख लिया तुम ने ?
के मुराद हासिल हो गई। बगैर उसके के ये गर्क हों। या इन्हें कोई तकलीफ पहुँचे।
.
*📚 तज़करत-उल-औलिया सफा 330*
*👉 सबक :-* बुजुर्गों की दुआओं से काया पलट जाती है और जो काम तीग व तीर से नहीं हो सकता वो काम किसी अल्लाह वाले की नज़र और दुआ से फौरन हो जाता हैं इसी लिए शायर ने लिखा है के
*_ना किताबों से ना कालिज के है दर से पैदा_*
*_दीन होता है बुजुर्गों की नज़र से पैदा_*
👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें