मसलके आला हज़रत की इस्तिलाह आला हज़रत से जुड़े रहने की मज़बूत कड़ी है
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*🥀 मसलके आला हज़रत की इस्तिलाह आला हज़रत से जुड़े रहने की मज़बूत कड़ी है 🥀*
✏️ आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा हनफी, क़ादरी बरकाती रदियल्लाहू तआला अन्हू की जाते वाला सिफात यक़ीनन, हतमन तारीक राहों में भटकने वालों के लिये चिरागे मंज़िल है और इन शा अल्लाह ता क़यामत रहेगी आपकी ज़ात अल्लाह करीम और हुज़ूर सय्यदे आलम सल्लल्लाहू तआला अलैही वसल्लम की बारगाह में महबूबो मक़बूल है ! आपने आलमे इस्लाम की उमूमन और मुसलमानाने बर्रे सगीर हिन्दो पाक की खुसूसन नाखुदाई का जो फरीज़ा अंजाम दिया है और इशक़े रसूल सल्लल्लाहू तआला अलैही वसल्लम की ताशहीरो तबलीग में जो सई मुसल्सल की है उसकी मिसाल दूर दूर तक नज़र नहीं आती ! आपकी इक़्तिदा में अमनो आफियत और दारैन की सलामती है ! आपकी तालीमत, इर्शादातो पैगामात में इस्लाम के साफ़ सुथरे चेहरे को बहतर तरीक़े से देखा जा सकता है, आपने इस्लाम के चहरे पर किसी तराह के दाग़ धब्बे को देखना कभी कुबूल नहीं क्या, आपकी ज़ात अपनों के लिये साईबाने रहमत थी और हक़ से इन्हिरफ़ करने वालों के लिये शम्शीर हैदरी, आपने नामूसे रिसालत से उलझ्ने वालों को कभी माफ़ नहीं क्या, आपके क़लम ने अहकामे शरेअ के निफाज़ में अपने और गैर की कभी परवा नहीं की, ताजदारे बगदाद हुज़ूऱ सय्यीदिना शेख मुहियुद्दीन अब्दुल क़ादिर जीलानी बगदादी रदियल्लाहू अन्हू का दस्ते करम हर वक़्त आपके सर पर सायाए फिगन रहा ! सिल्सिला क़ादिरिया की तर्वीज में आपके तज्दीदी रोल से इंकार बहुत मुश्किल है ! आप सिरफ़ नशाए क़ादिरियत ही से सरशार नहीं थे बल्के दूसरे सलासिल ( सिल्सिलए चिश्तिया, नक़्शबन्दिया और सोहरवर्दिया ) के अहतिरामो अक़ीदत का चिराग भी आपके दिल में पूरे तौर पर रोशन था ! आपकी तालीफातो तस्नीफात आकाबिरो अस्लाफ़ से अक़ीदतो मोहब्बत की शूआएं बिखरती दिखाई देती हैं ! इसी लिये बुज़ुर्गों ने कहा है के मज़ाहिबे अर्बाअ का निचोड़ मसलके आला हज़रत है !
हम अहले सुन्नत व जमात, हन्फियुल मज़हब हैं, मुल्की हालात को देखते हुए कुछ बातिल जमातों ने मुसलमानों को धोका देने के लिये अपनी पेशानी पर अहले सुन्नत व जमात का लेबिल चसपां कर लिया बल्के क़ादरी, चिश्ती, नक़्शबंदी, सोहरवर्दी, से खुद को मुतारिफ़ कराने लगे ऐसे हालात में सही हन्फी सही सुन्नी की शनाख्त का मस्ला शिद्दत से महसूस क्या जाने लगा ! तो उस वक़्त के उलामा और मशाइख ने इन्तिहाई गौरो खोज़ के बाद इस्तिलाहे मसलके आला हज़रत का इन्तिखाब फरमाया, अब वही सुन्नियतो हन्फियत क़ाबिले कुबूल होगी जिस पर मसलके आला हज़रत की मोहर लगी हो ! यह बात ज़हन में रहे के आला हज़रत हन्फी थे और ता हयात हन्फियत के फरोग़ में मस्रूफ़ रहे ! इस्लिये हम हन्फियत के पाबन्द हैं जिसकी तर्वीजो तशहीर में आला हज़रत ने अपना खूनो जिगर जलाया है ! आला हज़रत की हयात का हर वर्क हमारे लिये क़ाबिले अहतिराम व लाइक़े ताज़ीम है ! आपने हमारे ईमानो अक़ीदे को बातिल की हर आमेज़िश से बचाया है ! मैं फातेह बिल्गिराम सय्यिदिना मीर मुहम्मद सुग़रा रदियल्लाहू अन्हू जद्दे आला बिल्गिरामो महरेरा की मस्नदे सज्जादगी से पूरे वसूक़ के साथ यह एलान करता हूं के दारैन में आफियत उसी को नसीब होगी जो मसलके आला हज़रत का सख्ती के साथ पाबन्द होगा और जो मसलके आला हज़रत से अपने दिल में कदुर रखेगा वो इन शा अल्लाह दुनियाओ आखिरत में ज़लीलो ख्वार होगा ! मसलके आला हज़रत इस्तिलाह आला हज़रत से जुड़े रहने की मज़बूत कड़ी है ! इसके टूटने के बाद आज़ाद खयाली की सरहदें शुरू हो जाती हैं जिसका अद्ना ज़रर रूहानी दस्तगीरी का खत्म हो जाना है ! हमारे मुरीदीन, मुतवस्सिलीन और मोतक़िदीन इस तहरीर को अपने लिए राहे अमल भी बनाएं और और पैगामे अमल भी !!
*✍️ फक़त वस्सलाम फक़ीर सय्यद उवैस मुस्तफा क़ादरी सज्जादा नशीन खानक़ाहे मुहम्मदिया चिश्तिया बिल्गिराम शरीफ़*
*📚 ( इमतियाज़े अहले सुन्नत स. न. 21,22,23 )*
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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*
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