सुन्नी हज़रात सैयद सादात से कयो इतनी मुहब्बत करते है
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*🥀 सुन्नी हज़रात सैयद सादात से कयो इतनी मुहब्बत करते है 🥀*
क्यो के सय्यद अफज़ल है सय्यद से मुहब्बत फ़र्ज़ है रसूल ए खुदा ﷺ ने फ़रमाया बेशक "फातिमा ( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ)पाक दामन है,अल्लाह पाक ने उन पर और उनकी औलादो पर आग को हराम कर दी"
*📚 तिर्मिज़ि, अबु नईम*
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया की ए फातिमा ( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ ) आप गुस्सा होते हो तो अल्लाह भी नाराज़ हो जाता है,
आप राज़ी होते हो तो अल्लाह भी राज़ी होता है..
*📚 सर्फुन नबूवत*
नबी ए करीम ﷺ ने फ़रमाया की ए अली ( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ ) कया तुम इस बात से खुश नहीं होते की तुम वो चार में से एक हो जो सब से पहले जन्नत में दाखिल होंगे...
वो चार लोग ये है,
🌹एक मैं,🌹दूसरे तुम, 🌹तीसरे हसन ( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ) चौथे 🌹हुसैन ( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ ). अपनी बिविया अपने आस पास से जन्नत में दाखिल होगी और अपनी औलादे आपने पीछे जन्नत मे दाखिल होंगी
*📚 तफसीर कस्साफ पार्ट 4 पेज 213*
✏️ रसूल ए खुदा ﷺ ने फ़रमाया "जिस किसी ने हसन और हुसैन ( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ ) को मेहबूब रखा तो हक़ीक़त मे उसने मुझे मेहबूब रखा और जिस किसीने इन दोनों के साथ बुग्ज़ रखा तो उसने मेरे साथ अदावत रखी..
*📚 इब्ने मझा,पेज :64,पार्ट:1*
*📚 अलमुसतदारक,पेज-166, पार्ट-3*
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया की हज़रत फातिमा( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ ) जन्नत की औरतों की सरदार है,और हसन और हुसैन ( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ ) जन्नत के जवानों के सरदार है..
*📚 तिर्मिज़ी शरीफ*
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया की ए अब्दुल मुताल्लिब ( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ )की औलाद मैंने अल्लाह पाक के पास तुम्हारे लिए तीन दुआ की
पहली अल्लाह तुम्हारी मुश्किलों को दूर करे और मुश्किलों मे मज़बूती रखे...।
दूसरी तूम मे से जिन्हें इल्म हासिल नही उन्हें इल्म हासिल हो और भटके हुए नेक राह पे आ जाये.....।
तीसरी तुम्हे सखी ,बहादूर और रहेम दिल बनाये....।
*📚 हाकिम & तिब्रनि*
और यही चाहता है अल्लाह दूर कर दे तुमसे हर नापाकी को, ए नबी ﷺ के घर वालों और पाक कर दे तुम्हे खूब....।
*📚 क़ुरान:-पारा:22, रूकू:1*
और फ़रमा दो ए मेहबूब ﷺ! की मैं नबूवत की तबलीग के लिए कोई अज्र लेता नहीं, मैं सिर्फ मेरे घर वालों की मुहब्बत चाहता हूँ....।
*📚 क़ुरान, सूरा सूरा आयत-23*
ताजदार ए मदीना ﷺ ने फ़रमाया की मैं तुम्हे हुक्म देता हु की मेरे घर वालों से मुहब्बत करो....।
*📚 तफसीरुल कस्साफ:-पार्ट-4,पेज-213-214,
तफ़सीरे करतीब:- पार्ट:16, पेज :17, तफ़सीरे कज़ाइनुल ईरफन*
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया की "उस ज़ालिम पर अल्लाह का सख्त अज़ाब होगा जिसने मेरी औलाद (अहलेबैत,सय्यद)को तकलीफ दी या परेशान किया या उन्हें नुकसान पहुचाया....।
*📚 देहल्मि*
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया की ख़बरदार होकर सुन लो,जो शख्स अहलेबैत (सय्यद) से बूगज़ और अदावत में मरा वो कयामत के दिन इसी हालात में उठेगा के उसकी दोनों आँखों के दरमियाँ लिखा होगा, "अल्लाह पाक की रेहमत से ना उम्मीद,,ऑफ आगाह हो जाओ जो शख्स अहलेबैत (सय्यद) के बुग्ज़ और अदावत में मरा वो जन्नत की खुशबु से महरूम कर दीया जायेगा...।
*📚 तफ़सीर कबीर:-जिल्द:2सफा:29*
रसूल ए खुदा हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:- मेरी उम्मत में सबसे पहले शफ़ाअत, मैं अपनी औलाद (अहलेबैत,सय्यद)
की करूँगा...।
*📚 तिब्रनि*
जो लोग हौज़ ए कौसर पर पहले आएंगे वो मेरई औलाद (अहलेबैत सय्यद)होंगे
*📚 देहल्मि*
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया कोई बन्दा कामिल मोमिन नहीं हो सकता,जब तक मैं उसे उसकी जान से ज़्यादा प्यारा न हो जाऊ,और मेरी औलाद उसकी जान से प्यारी न हो...।
*📚 ब्यहक्की,दयलमि*
इमाम 'दयलमि' ने रिवायत की के, हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:- अपनी औलाद को तीन बातें सिखाया करो,,
पहली नबी ﷺ से मुहब्बत...।
दूसरी नबी ﷺ की अहलेबैत (सय्यद) घर वालों से मुहब्बत..
तीसरी क़ुरआन ए पाक की तिलवात...।
*📚 दयलमि*
सरकार ए दो आलम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया की "जो शख्स अहलेबैत(सय्यद) की मुहब्बत पर फौत हुआ (इंतेक़ाल फरमाए) उसने शहादत की मौत पाई...।
"जो शख्स अहलेबैत (सय्यद) की मुहब्बत में फौत हुआ (इंतेक़ाल फरमाये) वो मुकम्मल ईमान के साथ दुनिया से गया"
"जो शख्स अहलेबैत(सय्यद) की मुहब्बत में फौत (इंतेक़ाल फरमाये)उसे इज़राइल अलैहिस्सालम और मुन्कर नकीर जन्नत की बशारत (खुशखबरी)देते है"
"आगाह हो जाओ जो शख्स अहलेबैत(सय्यद) की मुहब्बत में फौत हुआ (इंतेक़ाल फरमाये) उसे ऐसी इज़्ज़त के साथ जन्नत की तरफ रवाना किया जाता है जैसे दुल्हन दूल्हे के घर जाती है"
"जो शख्स अहलेबैत(सय्यद) की मुहब्बत में फौत हुआ (इंतेक़ाल फरमाये)उसकी क़ब्र में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते है"
*📚 तफसीर कबीर जिल्द :2 , सफ़हा 39*
*📚 तफ़सीरे कबीर पार्ट:7, पेज-390*
*📚 हज़रत अल्लामा इमाम राज़ी ( ﺭﺿﻰ ﺍﻟﻠﻪ ﻋﻨﻪ )*
*📚 तफ़सीरे कस्साफ पार्ट: 4, पेज: 214*
*📚 तफ़सीरे कर्तिब पार्ट:16, पेज:16*
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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*
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