कब्रों पर फुल रखने से मुतअल्लिक एक मकाम पर आला हजरत इमाम अहमद रज़ा खान फाज़ले बरेलवी अलैहिर्रहमा फरमाते है

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



*🥀 कब्रों पर फुल रखने से मुतअल्लिक एक मकाम पर आला हजरत इमाम अहमद रज़ा खान फाज़ले बरेलवी अलैहिर्रहमा फरमाते है 🥀*

     

✏️ मुसलमानों की क़ब्रों पर फुल रखना मुस्तहब है। अइम्म-ए-दीन फरमाते है वह जब तक तर है तस्बीहे इलाही करेगे। उस मुर्दे का दिल बहलेगा।  

📚फतावा रजविया जिल्द 11 सफा 97

हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का गुज़र दो क़ब्रो पर हुआ तो आपने फरमाया कि इन दोनों पर अज़ाब हो रहा है और किसी बड़े गुनाह की वजह से नहीं बल्कि मामूली गुनाह की वजह से,एक तो पेशाब की छींटों से नहीं बचता था और दूसरा चुगली करता था,फिर आपने एक शाख तोड़ी और आधी आधी करके दोनो क़ब्रों पर लगादी और फरमाया कि जब तक ये शाख तर रहेगी तस्बीह करती रहेगी जिससे मय्यत के अज़ाब में कमी होगी।

📚बुखारी,जिल्द 1,हदीस 15

इस 👆हदीस शरीफ से निम्नलिखित👇 बातें मालूम हुई

1. हुजूर ﷺ की निगाह के लिए कोई चीज आड नही बन सकती है यहाँ तक कि जमीन के अन्दर जो अज़ाब हो रहा है उसे भी आप ﷺ देख रहे है।

2. हुज़ूर ﷺ मखलूकात के हर खुले और छूपे काम देख रहे कि इस वक़्त कौन क्या कर रहा है और पहले क्या करता था इसीलिए आप ने फरमा दिया कि एक चुगली करता था और दूसरा पेशाब से नही बचता था।

3. हुज़ूर ﷺ हर गुनाह का इलाज भी जानते हैं। कि कब्र पर डालें रख दी ताकि अज़ाब हल्का हो।

4. कब्रों पर हरी पत्तियाँ और फूल वगैरह सुन्नत से साबित है कि उस की तस्बीह से मुर्दा को आराम मिलता है। 

5. कब्र पर कुरआन पाक की तिलावत करना बेहतर है कि जब हरी डालियों के ज़िक्र से अज़ाब हल्का होता है तो इन्सान के ज़िक्र से जरूर हल्का होगा।

6. अगर्चे हर सूखी और गीली चीज तस्बीह पढती है मगर हरी डालियों की तस्बीह से मुर्दा को आराम मिलता है ऐसे ही बेदीन के कुरआन पढने का कोई फायदा नही है कि उसमे कुफ्र का सुखापन है। और मोमिन का पढ़ना फायदेमंद है कि उस में ईमान की तरी है। 

7. हरी डालियाँ गुनाहगारों की कब्रों पर अज़ाब हल्का करेगी और बुजुर्गो की कब्रो पर सवाब व दर्जा बढायेगी। 

[📚अनवारुल हदीस सफह 273-273]



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नूरुद्दीन जंगी और नबी ‎ﷺ ‏का जिस्म मुबारक चोरी करने वाले ‎

आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान रदिअल्लाहु तआला अन्हु पर पीएचडी (PHD) करने वाले कुछ लोगों के नाम